Facts >> Encourage
***हमें दुनियदारी का बहुत ज्ञान है, पर अपने संबंध में कहीं हम अनजान तो नहीं....
***अपना मकान बन जाने पर कितनी सुविधा होगी यह कल्पना तो है, पर अपना व्यक्तित्व बन जाने से प्रगति की संभावनाएँ कितनी बढ जायेगीं इसका अन्दाज़ा नही....
**घर, कपडे, फ़र्निचर ऒर शरीर की सफ़ाई का महत्व तो मालूम है, पर अन्तःकरण की सफ़ाई के मह्त्व से शायद अनजान है...
***शरीर ऒर मस्तिष्क को बलवान ऒर सुखी बनाने के लिये हर संभव प्रयास करते है, पर आत्मबल, मनोबल, प्रतिभा, दूर्दर्शिता आदि की भी कुछ उपयोगिता है यह बात याद नही...
***तॄष्णा, वासना की तॄप्ति में अधिक सुख मिलता है, उसे प्राप्त करने के लिये मन निरंतर ताना-बाना बुनता रहता है... पर यह समझ में क्यों नहीं आता कि आत्म संतोष ऒर आंतरिक आनंद जैसी कुछ दिव्य अनुभूतियाँ भी होती हैं ऒर उनका भी कुछ अपना मूल्य होता है.....
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