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Rajasthani Poem against Holi porn language tradition

गीत—गाळ सैंग आछा—माड़ा,
है संस्कृति नैं पोखणिया।

रीत जबकै फिटा बोले,
अै लाज—सरम नैं बेचणिया।।

भरयै बजार सांथळ उघाड़ै,
मन में मौद मनावणिया।

स्याणा कानां आंगळी धरे,
हांसी उडावे मसखरिया।

बूंटी री बरक लेय बरकै,
अै च़ौड़े—धाड़ै गावणिया।।

बहु—बारयां ओला लेवे,
करे ताका—ताकी लुतरिया।

कींकर लूकै खोटी निजरां,
अेक पोळ में रैवणिया।।

- विनोद सारस्वत, बीकानेरRead Details

होली पर कविता लिखूं

होली की कविता लिखूं
छंद व्यंग हास्य रचना लिखूं
इसमें अपना सा लिखूं
या फिर पराया सा लिखूं
होली पर कविता लिखूं..

रंग गाल गुलाल लाल
उड़े मन बाजे मृदंग ताल
गीत और रंगों की बौछार
भावो विभोर कल्पना लिखूं
या यथार्थ या फिर सपना लिखूं
होली पर कविता लिखूं..

जीजा साली घरवाली
आधी,पूरी या बहार वाली
भांग ढोलक न्रत्य रास
खींचा खींची बयां पकड़ा पकड़ी लिखूं
या जोरा जोरी या सीना जोरी लिखूं
होली पर कविता लिखूं....

होली तो मन भोली है
उड़ते रंगों की भाव विभोर टोली है
ना आपना ना यंहा पराया
सब एक रंग आज एक समाया लिखूं
महंगाई या गरीब लिखूं
होली पर कविता लिखूं......

सुखा है सुखी होली है
आँखों से आंसूं की पिचकारी सी गोली है
व्यर्थ जाता पानी देखकर
क्या ये भारत वर्ष की शुभ होली है लिखूं
या बुरा ना मानो होली है लिखूं
होली पर कविता लिखूं....

राजकुमार दायमा 
बड़ा बाजार 
7597740233
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तेरी होली, मेरी होली, सबकी होली तब होगी
रंग-बिरंगी खुशियों से अपनी झोली भरली होगी
ऊँच-नीच का भेद मिटे, समता का भाव प्रबल होगा
बेरंग न कोई जीवन हो, रंगों से रोशन जग होगा
धूं धूं जलती होली में, जल जाएगी हर एक बुराई
बहिनों की हंसी लौटाने को, तैयार रहेगा हर भाई
इस हंसती-गाती दुनिया में, जब रंगों की बारिश होगी
तेरी होली, मेरी होली, सबकी होली तब होगी.

--- हरिशंकर आचार्य, बीकानेरRead Details

होली की कुछ कविताऐं

बरसाने बरसन लगी, नौ मन केसर धार ।
ब्रज मंडल में आ गया, होली का त्‍यौहार ।।

लाल हरी नीली हुई, नखरैली गुलनार ।
रंग-रँगीली कर गया, होली का त्‍यौहार ।।

आंखों में महुआ भरा, सांसों में मकरंद ।
साजन दोहे सा लगे, गोरी लगती छंद ।।

कस के डस के जीत ली, रँग रसिया ने रार ।
होली ही हिम्‍मत हुई, होली ही हथियार ।।

हो ली, हो ली, हो ही ली, होनी थी जो बात ।
हौले से हँसली हँसी, कल फागुन की रात ।।

होली पे घर आ गया, साजणियो भरतार ।
कंचन काया की कली, किलक हुई कचनार ।।

केसरिया बालम लगा, हँस गोरी के अंग ।
गोरी तो केसर हुई, साँवरिया बेरंग ।।

देह गुलाबी कर गया, फागुन का उपहार ।
साँवरिया बेशर्म है, भली करे करतार ।।

बिरहन को याद आ रहा, साजन का भुजपाश।
अगन लगाये देह में, बन में खिला पलाश ।।

साँवरिया रँगरेज ने, की रँगरेजी खूब ।
फागुन की रैना हुई, रँग में डूबम डूब।।

सतरंगी सी देह पर, चूनर है पचरंग ।
तन में बजती बाँसुरी, मन में बजे मृदंग ।।

जवाकुसुम के फूल से, डोरे पड़ गये नैन ।
सुर्खी है बतला रही, मनवा है बेचैन ।।

बरजोरी कर लिख गया, प्रीत रंग से छंद ।
ऊपर से रूठी दिखे, अंदर है आनंद ।।

होली में अबके हुआ, बड़ा अजूबा काम ।
साँवरिया गोरा हुआ, गोरी हो गई श्‍याम ।।

कंचन घट केशर घुली, चंदन डाली गंध ।
आ जाये जो साँवरा, हो जाये आनंद ।।

घर से निकली साँवरी, देख देख चहुँ ओर ।
चुपके रंग लगा गया, इक छैला बरजोर ।।

बरजोरी कान्‍हा करे, राधा भागी जाय ।
बृजमंडल में डोलता, फागुन है गन्नाय ।।

होरी में इत उत लगी, दो अधरन की छाप ।
सखियाँ छेड़ें घेर कर, किसका है ये पाप ।।

कैसो रँग डारो पिया, सगरी हो गई लाल ।
किस नदिया में धोऊँ अब, जाऊँ अब किस ताल ।।

फागुन है सर पर चढ़ा, तिस पर दूजी भाँग ।
उस पे ढोलक भी बजे, धिक धा धा, धिक ताँग ।।

हौले हौले रँग पिया, कोमल कोमल गात ।
काहे की जल्‍दी तुझे, दूर अभी परभात ।।

फगुआ की मस्‍ती चढ़ी, मनुआ हुआ मलंग ।
तीन चीज़ हैं सूझतीं, रंग, भंग और चंग ।।Read Details

रंगवाले देर क्या है मेरा

रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे ।
और सारे रंग धो कर रंग अपना रंग दे ॥

कितने ही रंगो से मैने आज तक है रंगा इसे ।
पर वो सारे फीके निकले तू ही गाढ़ा रंग दे ॥

तूने रंगे हैं ज़मीं और आसमां जिस रंग से ।
बस उसी रंग से तू आख़िर मेरा चोला रंग दे ॥

मैं तो जानूंगा तभी तेरी ये रंगन्दाज़ियां ।
जितना धोऊं उतना चमके अब तो ऐसा रंग दे ॥Read Details

इक बूँद इश्कियां डाल कोई..

इक बूँद इश्कियां डाल कोई.. 
मेरे सातों समंदर जायें रंग.. 
मेरी हद भी रंग.. सरहद भी रंग दे... 
हद रंग दे.. अनहद भी रंग दे.. 
मंदिर... मस्जिद... मयकद रंग.. रंगरेज़ मेरे...

समस्त प्रियजन को होली की हार्दिक शुभकामनायें..Read Details

Rangon ki Holi Doston, is parv

Rangon ki Holi
Doston, is parv mein phailey
hai rang saarey
Pichkari sang khelo Holi, ya
ley aao gubarey
Choti Choti baatein hai, choti
choti khushiya
Tum bhi jara haslo aaj, jab
hasti yeh duniya
Na bura socho kisika, na
rakho kisi se irshya
Karo kuch aisa, ki lage rang
lai hai shikshaRead Details

Apun wishing you a wonderful, Super-duper, Zabardast, Xtra-badhiya, Xtra

Apun wishing you a wonderful,
Super-duper,
Zabardast,
Xtra-badhiya,
Xtra special,
Ekdum mast and dhinchak,
Bole to ekdum jhakaas
Happy Holi.Read Details

Saade rang ko galti se

Saade rang ko galti se aap naa kora samjho,
Isi mey samaaye indradhanushi saaton rang,
Jo dikhe aapko zindagi saadagi bhari kisi ki,
To aap yun samjho satrangi hai duniya usiki, 
Holi aayi satrangi rango ki bouchar laayi,
Dher saari mithai aur mitha mitha pyar laayi,
Aap ki zindagi ho mithe pyar aur khusiyon se bhari,
Jisme samaaye saaton rang yahi shubhkamna hai hamaari.Read Details