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कुछ तो संभालिए..... मस्जिद से चलते

कुछ तो संभालिए.....

मस्जिद से चलते ही मंदिर संभालिए..
मंदिर से चलते ही मस्जिद संभालिए,
लेकिन पहले आप अपना घर संभालिए।।
पर्दे तो टांग लेना खिड़कियों के बाद में भी 
पहले पड़ौस से आते हुए पत्थर संभालिए।।
दुश्मन तो संभाल लेना दुश्मनी पर आए तब,
मगर पहले कुछ दोस्तो की नजर संभालिए।।
सांपो के कांटो का तो उतार प्रेम पर 
मगर पहले आस्तिनों में छुपा वो जहर संभालिए।।Read Details

मैं एक आह भरता हूं

मैं एक आह भरता हूं 
तो मेरी माँ रात भर सो नहीं पाती, 
उसके करोड़ों बच्चे 
हर रात भूखे सोते हैं, 
तुम्हारा भगवान 
क्या नींद की गोलियाँ लेता है?Read Details

एक बड़ी सी बात अख़बार

एक बड़ी सी बात 
अख़बार में छोटी सी जगह पा गई थी, 
रोटी माँगने गई एक बच्ची 
रोटी के बदले इज्जत गँवा गई थी, 
अगर याद हो तो सच बताना, 
उस रात तुम सबको नींद कैसे आ गई थी?Read Details