Mohabbat poems Wishes And Messages, Mohabbat poems WhatsApp Picture Sticker

Loktantra fir bhi zinda hai

ऐसा नहीं कि हमको मुहब्बत नहीं मिली, 
तुझे चाहते थे, पर तेरी उल्फत नही मिली,
मिलने को तो ज़िंदगी में कईं हमसफ़र मिले, 
पर उनकी तबियत से अपनी तबियत नही मिली,
चेहरों में दूसरों के तुझे ढूंढते रहे दर-ब-दर, 
सूरत नही मिली, तो कहीं सीरत नही मिली,
बहुत देर से आया था वो मेरे पास यारों, 
अल्फाज ढूंढने की भी मोहलत नही मिली,
तुझे गिला था कि तवज्जो न मिली तुझे,
मगर हमको तो खुद अपनी मुहब्बत नही मिली,
हमे तो तेरी हर आदत अच्छी लगी "राज"
पर अफ़सोस .... 
तेरी आदत से मेरी आदत नही मिली..

- राजकुमार दायमा 7597740233Read Details

आँखो को इंतजार सही, मगर

आँखो को इंतजार सही, 
मगर पता है इतना
तुम नही आओगे लौटकर, 
कोई वादा भी तो 
नही किया था आने का, 
फिर दिल में 
ये दर्द कैसा, ये तड़प कैसी,,
कुछ तो था .......मगर क्या,, 
तुम कहते थे
ये मुहब्बत नही, 
मुहब्बत ऐसी नही होती,,
मुझे दर्द की इसी इंतिहा से मुहब्बत है, 
जो दूरियाँ भी
तेरी सरगोशियाँ लगती है,,,Read Details

Usy Mein Kyu Btaun Mein

Usy Mein Kyu Btaun Mein Ne Usko Kitna Chaha Hai
Sachi Baat Ki Khushboo To Khud Mehsus Hoti Hai
Meri Baatein, Meri Sochein, Usy Khud Jaan Jany Do
Abhi Kuch Din Usy Meri Mohabbat Aazmany do 
Agr Wo Pyar Ke Ehsaas Ko Pehchaan Na Paye
Mujhy Bhi Jaan Na PayeTo Phr Aisa Karo ye Dil
Khud Gum-Naam Ho Jao Mgr 
Us Be-Khabar Ko Zindagi Bhar Muskrany Do
Abi Kuch Din Usy Meri Muhabat Azmany Do !!!Read Details

Teri chahat me guzarti meri har

Teri chahat me guzarti
meri har shaam thi,
Mere dil se nikli har
dua tere naam thi.
Ab mujh ko ilzaam na do
bewafai ka,
Mere hatho ki lakeero
m wafa aam thi..
Apni jaan ka nazrana
kaise karte tujh ko,
Tere ishq m har saans
jo meri nilaam thi..
Kaise chhor dete tanha
zindagi ke safar mein,
Tere bagair to meri
zindagi gumnaam thi Read Details

बात पाक मोह्हबत की करता

बात पाक मोह्हबत की करता है कौन,
आँखों में अब आँसूं रखता है कौन,

जिसे देखो वो दीवाना है हुस्न का यहाँ,
रूह की बात अब यहाँ समझता है कौन,

आखिर कैसे मान ले की तेरे दिल में बस हम ही हैं,
चीर कर सीना आजकल दिखलाता है कौन,

जो आवारा हैं वो आवारा ही रहेंगे बदलेंगे नहीं,
सब अपने में मशरूफ है, एक दुसरे को अब समझाता है कौन,

शिकायत करते हैं सब की खुदा सुनता नहीं,
कोई बताओ आज कल दिल से इबादत करता है कौन,

या रब, खत्म कर यह बिछुड़ने का खेल मोहब्बत में,
देखता हूँ फिर, तेरे आगे सर को झुकाता है कौन.Read Details

" जो हमारे बहुत करीब

" जो हमारे बहुत करीब है
उसे हम छू नही सकते
शायद इसे 'मजबूरी' कहते है,

जो हमे चाहता है
उसे हम पा नही सकते
शायद उसे 'नसीब' कहते है........!"

इसी 'मजबूरी' और 'नसीब' के बीच
एक रिश्ता पनपता है
शायद इसे "मोहब्बत" कहते है.......Read Details

Wada ker k nibhaney waley kam

Wada ker k nibhaney waley
kam hotey hain...
ishiq na kerna..
ishiq na kerna...
ishiq main ghum hi
ghum hotey hain.

main na mil sakon jo tum se
meri justuju na kerna..
tumhain meri hi qasam hai .
meri arzoo na kerna..



mujhay jis hai muhabbat
usay hai ajab ye adat
kabhi mun ko pheer lena..
kabhi guftugu na kerna..
tumhain meri hi qasam hai
meri arzoo na kerna


main ne chaha tha kisi ko
mera hal kia hai dekho
jo kia kasoor main ne
usay tum kahon na kerna

tumhain meri hi qasam hai
meri arzoo na kerna
meri ho ager burai
tu na dena tum safai
mere sath khud ko ruswa
kabhi qubaqo na kernaRead Details