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ये माँ है मियाँ इसका तो गुस्सा मुस्कुराता है

Beautiful poem on Mother by Munnavvar Rana

कदम जब चूम ले मंज़िल तो जज़्बा मुस्कुराता है
दुआ लेकर चलो माँ की तो रस्ता मुस्कुराता है

किया नाराज़ माँ को और बच्चा हँस के ये बोला
के ये माँ है मियाँ इसका तो गुस्सा मुस्कुराता है

किताबों से निकलकर तितलियाँ ग़ज़लेँ सुनाती हैँ
टिफिन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है

सभी रिश्ते यहाँ बर्बाद हैँ मतलब परस्ती से
मगर सदियों से माँ-बेटे का रिश्ता मुस्कुराता है।

सुबह उठते ही जब मैँ चूमता हूँ माँ की आँखों को
ख़ुदा के साथ उसका हर फरिश्ता मुस्कुराता है

मेरी माँ के बिना मेरी सभी ग़ज़लेँ अधूरी हैँ
अगर माँ लफ़्ज़ शामिल हो तो किस्सा मुस्कुराता है

वो उजला हो के मैला हो या मँहगा हो के सस्ता हो
ये माँ का सर है इस पे हर दुपट्टा मुस्कुराता है

फरिश्तों ने कहा आमाल का संदूक क्या खोलेँ
दुआ लाया है माँ की, इसका बक्सा मुस्कुराता है।


"मुनव्वर राना" साहबRead Details

हारी नहीं लड़ाई मम्मी

लेती नहीं दवाई मम्मी ,
जोड़े पाई-पाई मम्मी ।

दुःख थे पर्वत, राई मम्मी
हारी नहीं लड़ाई मम्मी ।

इस दुनियां में सब मैले हैं
किस दुनियां से आई मम्मी ।


दुनिया के सब रिश्ते ठंडे
गरमागर्म रजाई मम्मी ।

जब भी कोई रिश्ता उधड़े
करती है तुरपाई मम्मी ।

बाबू जी तनख़ा लाये बस
लेकिन बरक़त लाई मम्मी ।
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माँ" एक ऐसी बैंक है जहाँ आप हर भावना और दुख जमा कर सकते है... और 
"पापा" एक ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिनके पास बैलेंस न होते हुए भी वह हमारे सपने पूरे करने की कोशिश करते है.Read Details

क्या सीरत क्या सूरत थी माँ

क्या सीरत क्या सूरत थी
माँ ममता की मूरत थी 
पॉव छुए और काम हुए
अम्माँ एक महूतर थी
बस्ती भर के दुख सुख में
माँ एक अहम जरूरत थी
उनसे भी प्यार उसे
उससे भी था प्यार उसे
उससे जिन्हे कदूरत थी
सच कहता है माँ हमको
तेरी बहुत जरूरत थी।

Happy Mothers DayRead Details

मेरी माँ मैं कभी बतलाता नहीं पर

मेरी माँ
मैं कभी बतलाता नहीं
पर अँधेरे से डरता हूँ मैं माँ
यूँ तो मैं दिखलाता नहीं
तेरी परवाह करता हूँ मैं माँ
तुझे सब हैं पता हैं न माँ
तुझे सब हैं पता..मेरी माँ

भीड़ में यूँ न छोडो मुझे
घर लौट के भी आ ना पाऊँ माँ
भेज न इतना दूर मुजको तू
याद भी तुझको आ ना पाऊँ माँ
क्या इताना बुरा हूँ मैं माँ
क्या इतना बुरा.. मेरी माँ

जब भी कभी पापा मुझे
जो जोर से झूला झुलाते हैं माँ
मेरी नज़र ढूंढें तुझे
सोचु यही तू आ के थामेगी माँ

उनसे मैं यह कहता नहीं
पर मैं सहम जाता हूँ माँ
चहरे पे आने देता नहीं
दिल ही दिल में घबराता हूँ माँ
तुझे सब है पता है ना माँ
तुझे सब है पता.. मेरी माँ

मैं कभी बतलाता नहीं
पर अँधेरे से डरता हूँ मैं माँ
यूँ तो मैं दिखलाता नहीं
तेरी परवाह करता हूँ मैं माँ
तुझे सब हैं पता हैं न माँ
तुझे सब हैं पता..मेरी माँRead Details

It takes a mother's patience

It takes a mother's patience 
To bring a child up right, 
And her courage and her cheerfulness 
To make a dark day bright.
It takes a mother's thoughtfulness 
To mend the heart's deep "hurts," 
And her skill and her endurance 
To mend little socks and shirts. 
It takes a mother's kindness 
To forgive us when we err, 
To sympathize in trouble 
And bow her head in prayer. 
It takes a mother's wisdom 
To recognize our needs 
And to give us reassurance 
By her loving words and deeds. 
It takes a mother's endless faith, 
Her confidence and trust 
To guide us through the pitfalls 
Of selfishness and lust. And 
that is why in all this world 
There could not be another 
Who could fulfill God's purpose 
As completely as a MotherRead Details

Ghar jub bhee lotoon who

Ghar jub bhee lotoon who nigaheein dhoondhta hoon
Sama gaoon jis mein MAA ke who baheein dhoondhta hoon

Un gaagoon ko dekhta rehta hoon
Jahan beeth ker who mera inteezar kertee the

Mein ghantoon mein apna chehra dekhta hoon
Jahan who mujhee piyar kertee the

Tere duaoon ke bagahir serkoon per nikal gata hoon
Her qadam her rastee per thoooker khata hoon

MAA tu mere lein neemat ke soorat hai
Loot aa ke mujhee abhee tere zaroorat hai

Tere hidmat subah shaam karoon ga
Tu jo kahee ge her who kaam karoon ga

Aik ersa howa mein sowa nahee
Tu mujhee apne goood mein soola dee

Mere kaan arsee see muntazer hain
Aik bar phir who loree suna dee

Kaash Kabhee Asee Duaeein Na Mertee!
Kaash Kissi Ke Maeein Na Merteein !Read Details