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Rajasthani Poem on Political Sattire writtern by Poet Sadiq

थै मजा करो म्हाराज
आज थांरी पांचूं घी में है
म्है पुरस्यो सगळो देस 
बता अब कांई कांई जी में है ?

गळी गळगळी होय
गांव री बिलखे साख भरै
भोळा डाळा जीव जीण री 
झूठी आस करै
लुच्चा लूटै माल 
मसकरा मीठो नास करै
कुत्ता खावै खीर
मिनख तो बोदी घास चरै
गांव में लागण लागी आग 
घरां में दीखै भागमभाग
टाबरां गायो रोटी राग
कमावणियां रै आग्या झाग।।
पण मजा करो म्हाराज
आज थांरी पांचूं घी में है
म्है पुरस्यो सगळो देस 
बता अब कांई जी में है ?

पीड़ पाळतू कर लेवै
पण मेखां रोज जड़ै
मिनख मांस रा बिणजारा 
बातां रा महल घड़ै
अबळा मांग मिटै दिन धोळै
चूड़ी रोज झड़ै
फळसो खुल्लो छोड़ दियो 
जद डांगर आय बड़ै
गांव रै कूवै पड़गी भांग 
बांदरा लड़सी सांगोपांग
सराफत झूठी भरसी सांग 
लाज री खुल्ली दीखै जांघ।
पण मजा करो म्हाराज
आज थांरी पांचूं घी में है
म्है पुरस्यो सगळो देस 
बता अब कांई जी में है ?

सदा सरीसा दिन बीतै
बिरथा ही जूण गमावै
तिल-तिल जीणो भारी पड़ग्यो
सांस काळजो खावै 
लाजां लाज मरै सड़कां पर 
जणो जणो बतळावै 
बादळ बूंद बणै जद बरसै 
ओळा क्यूं बरसावै-
सूरड़ा दे मिनखां नै मार 
चोरटा देवै खुल्ली धार 
समय री माया अपरमपार 
आपणी बस्ती ठंडी ठार 
थे मजा करो म्हाराज
आज थांरी पांचूं घी में है
म्है पुरस्यो सगळो देस 
बता अब कांई जी में है ?

सतजुग री बातां रा सपना 
अणदेख्या रै जावै
सुख-सपनो ले घर स्यूं चालै
दुख-दाळद ले आवै
माथै चढग्या भाव बेगड़ा
जिनस जीव नै खावै
कवि करै कुचमाद 
मिनख नै मांदा गीत सुणावै
घणा-सा बेरूजगार लोग
पसरग्या घर-घर में बण रोग 
घरां नै घेरयां राखै सोग 
जीवण दीखै मरणै जो 
पण मजा करो म्हाराज
आज थांरी पांचूं घी में है
म्है पुरस्यो सगळो देस 
बता अब कांई जी में है ?

अणभणिया आखर बुझैला
कुण बांरी बात करै
ऊंचै आसण बैठणियां 
नित नूंवो घात करै
बिना साख रा सौदागर 
बिन खेल्यां मात करै
बैलां बाळ उजाळो कर लै 
दिन में रात करै 
आंख रो देखण सारू काम 
जीभ तो एक टकै री चाम 
टसकता दीखै जाया जाम 
काढ़ सी बापू जी रो नाम 
पण मजा करो म्हाराज
आज थांरी पांचूं घी में है
म्है पुरस्यो सगळो देस 
बता अब कांई जी में है ?

---- सदीक साबRead Details

ANDHER NAGRI, CHOPAT RAJA, TERE DIN

ANDHER NAGRI, CHOPAT RAJA,
TERE DIN PURE HUE, AB TO KURSI SE NEECHE AAJA,
JUGAAR KE SAARE TARIKE HAME BHI BATLAJA,
APNE YE ELECTION PARLIAMENT ELECTION SE NAHI HE KAM,
JOD-TOD KE APNI SARKAR TO BANA HI LENGE HAM,
 
BAS KAUN - KAUN SE SCAM PAR KAAM CHAL RAHA HE
AUR KAB KAUNSA GHAPLA DISCLOSE KARNA HE,
MIL BAITH KE TAY KAR LETE HAIN,
PHURSAT NIKAL KAR EK BAAR CHAY PAR MERE GHAR AAJA,
 
MIL BAANT KAR KAR LETE HEIN PHAISLA,
PEHLA SAAL MERA AUR TU MERA DEPUTY,
DUSRA SAAL TERA AUR MAIN TERA DEPUTY
 
ANDHER NAGRI, CHOPAT RAJA,
TAKE SER BHAJI TAKE SER KHAJA
AA MIL KE KHAYEN RAJA.......................Read Details

Congress ki Dagar par कांग्रेस की

Congress ki Dagar par

कांग्रेस की डगर पे चमचों दिखाओ चल के
यह देश है तुम्हारा खा जाओ इसको तल के

दुनिया की बात सहना और कुछ न मुंह से कहना
रूई कान में तुम देके आगे को बढ़ते रहना
रख दोगे एक दिन तुम मुंह सब के बंद कर के

कांग्रेस की डगर पे चमचों दिखाओ चल के
यह देश है तुम्हारा खा जाओ इसको तल के

अपने हो या पराये कोई न बचने पाये
डाइजेशन देखो तुम्हारा हर्गिज न गड़बड़ाये
मौका बड़ा कठिन है, खाना संभल संभल के

कांग्रेस की डगर पे चमचों दिखाओ चल के
यह देश है तुम्हारा खा जाओ इसको तल के

भाई हो या भतीजा तुम सबका ध्यान रखना
फुल सात पीढियों का तुम इन्तजाम रखना
स्विस बैंक की तिजोरी तुम खूब रखना भर के

कांग्रेस की डगर पे चमचों दिखाओ चल के
यह देश है तुम्हारा खा जाओ इसको तल केRead Details

बाढ़ की संभावनाएँ सामने हैं बाढ़

बाढ़ की संभावनाएँ सामने हैं
बाढ़ की संभावनाएँ सामने हैं,
और नदियों के किनारे घर बने हैं ।

चीड़-वन में आँधियों की बात मत कर,
इन दरख्तों के बहुत नाज़ुक तने हैं ।

इस तरह टूटे हुए चेहरे नहीं हैं,
जिस तरह टूटे हुए ये आइने हैं ।

आपके क़ालीन देखेंगे किसी दिन,
इस समय तो पाँव कीचड़ में सने हैं ।

जिस तरह चाहो बजाओ इस सभा में,
हम नहीं हैं आदमी, हम झुनझुने हैं ।

अब तड़पती-सी ग़ज़ल कोई सुनाए,
हमसफ़र ऊँघे हुए हैं, अनमने हैं ।Read Details