Romantic Shayari poems Wishes And Messages, Romantic Shayari poems WhatsApp Picture Sticker

Kabhi Yu Bhi tau ho

कभी यूँ भी तो हो 
दरिया का साहिल हो 
पूरे चाँद की रात हो 
और तुम आओ ...
कभी यूँ भी तो हो 
परियों की महफ़िल हो 
कोई तुम्हारी बात हो 
और तुम आओ ......
कभी यूँ भी तो हो 
ये नर्म मुलायम ठंडी हवायें 
जब घर से तुम्हारे गुज़रें 
तुम्हारी ख़ुश्बू चुरायें 
मेरे घर ले आयें..........
कभी यूँ भी तो हो 
सूनी हर मंज़िल हो 
कोई न मेरे साथ हो 
और तुम आओ.........
कभी यूँ भी तो हो 
ये बादल ऐसा टूट के बरसे 
मेरे दिल की तरह मिलने को 
तुम्हारा दिल भी तरसे 
तुम निकलो घर से.......
कभी यूँ भी तो हो 
तनहाई हो, दिल हो 
बूँदें हो, बरसात हो 
और तुम आओ 
कभी यूँ भी तो हो.Read Details

ये हक़ीक़त है की होता

ये हक़ीक़त है की होता है असर बातों में, 
तुम भी खुल जाओगे दो-चार मुलाक़ातों में;
 तुम से सदियों की वाफाओं का कोई नाता ना था,
 तुम से मिलने की लकीरें थी मेरे हाथों में; 
तेरे वादों ने हमें घर से निकलने ना दिया, 
लोग मौसम का मज़ा ले गये बरसातों में; 
अब सूरज सितारे ना शमां ना चाँद, 
अपने ज़ख़्मों का उजाला है घनी रातों में;;Read Details

"JUST 4 MY LOVE" vo

"JUST 4 MY LOVE"
vo nahi hai meri magar usese muhabbat hai toh hai,

Ye agar rasmo rivajo se bagawat hai toh hai,

Sach ko maine sach kaha jab,kah diya toh kah diya,

Ab jamane ki najar mai y himakat hai toh hai,

Dost banker dushmano sa vo satate hai mujhe,

Phir bhi herjayi per meri phitrat hai toh hai,

Kab kaha maine ki vo mil jaye mujhko,

Uski baaho maid dum nikle itni si hasrat hai toh hai,

Vo sath hai perchayi banker isiliye jinda hu mai,

Meri sanso ko uski jarura hai toh hai.



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KM KANAKRead Details

"JUST 4 MY LOVE"hum isliye

"JUST 4 MY LOVE"
hum isliye udash rahte hai,,

Ki teri perchayi k roop mai tere aaspass rahte hai,

Jismfarosh kya jane ki jannat mai,

Devdash rahte hai,

Pii ker husn ka samander bhi hum,

Liye vaisy hi pyas rahte hai,

Yu toh puri duniya hai mere ander,

Per aap mujhme khash rahte hai,

Log aate hai aur chale jate hai meri jindgi mai,

Per aap mujhme baarho mass rahte hai.


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KM KANAKRead Details

"sifr tumhare liye"L....दिल का आलम:अपने

"sifr tumhare liye"L....

दिल का आलम:
अपने हालात तोह अब कुछ इस तरह की लगती है
जिंदगी मेरी अब सजा सी लगती है
अब तोह खुशियौं के अरमान भी ना रहे बाकी
ख़ुशी आई तोह किसी की बद्दुआ सी लगती है
रूठे हुए को मानाने का अब शौक भी ना रहा
किसी को मानना भी अब एक सज़ा सी लगती है
आइयेने में कुद्से नज़र नहीं मिला पाती में क्यूँ ???
दिखती है जो सूरत ..
वोह मुझे बेहद्द काफा सी लगती है
छुपाया दिल में घमोउन का जहाँ बैठे हैं
हम तेरी याद में बस बेजान से बैठे हैं
यह बात और है की हम मंजिल तक ना पोहेंच सके
मगर हम सारे कन्तौं भरे रहौं को चन बैठे हैं
गर्दिश में तकदीर हमे और क्या सताएगी
लुटा कर हम अपना नाम वो निशाँ बैठे हैं
एक यह मोहब्बत का दुश्मन है
जिसे सारियत मान बैठे हैं ........

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4 my lovenajar na lage

4 my love
najar na lage tumhe jamane ki,
chahe bhagwan kosis ker le hume aajmane ki,
khuda her khusi de aap logo ko,
kyoki hum jante hai aap ko adat hai dil lubhane ki.

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Sayari 4 my love"do

 Sayari 4 my love

"do lafj hume mila gaye tumse,
kuch pal mai tumhe apna bana gaye.
bada muskil hai tumhare bina jeena,
kyoki tum sanso mai sama gaye hamari.

"koi samjhe toh vo jajabat sunate hum,
dil ka haal kya sara dil dikhte hum,
per y duniya thodi muskil hai,
bus sayd isiliye katrate hai hum.

"Jindgi ko her pal khusi se bita do,
Bhale kitne bhi gum ho dil se muskura do,
Kuch iss tarah jio apni jindgi ko,
Her lamhe ko ek yaad nahi ablki,
YAADGAAR BANA DO.


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"for my love"meri yaad tune

"for my love"

meri yaad tune seene se lagayi toh hogi,
tune bhi mere derd se ankhe bhigayi toh hogi,
tum khatawar hume batao toh kya,
kai raatein tumne bhi liye ankho hi kanho mai bitayi toh hogi.

Km kanakRead Details

"Chamak na sake hum tere

"Chamak na sake hum tere sahare bina,
Kabhi chamkte the hum bhi tare bina,
Aaj dil roker duhayi bahrta hai,
Ki ab hum doob jaynge tumhare bina.

km kanakRead Details

diddar-e-ishq bhi kya chig hain

diddar-e-ishq bhi kya chig hain ,, 
jo ek he lamhai mai log ji laitai hain ,,
maut bhi aajai agar,
to assani sai usai ek lamhe mai apna laitai hain.

vo lamha bhi kya lamha tha, 
jismai pyari si jindagi pyar 
k sath gujhar gai ,
verna to unki nafrat k chakker mai,
humsai humari unki chahato
ki duniya ujad gai.Read Details

tum tum jise main sochtaa hoon kitni

tum
tum jise main sochtaa hoon
kitni nirmam ho,dukhati ho mere dil ko

har hansi khwaab me teri moujudgi barabar hai
tum bulati ho mujhe apni taraf har khwaab me
aur kho jaati ho kahi mujhe ****kar adhuura
chuuna chaahta hoon main tumhe sadiyo se
chali jaati ho duur mujhse tum
mukar jaati ho apni baato se
bas sulaye rakhti ho raato apni god me
rokti ho mujhe jaagne se

main dekhta huun ki
tum dilaati ho yakiin, ki tum meri ho
sunhare libaas me varne aayi ho mujhe
le jaatii ho mujhe sitaro me
aur basatii ho hansii mahal kalpnao ka
kabhi to mujhe dekhne do jee bhar kar tumko
in palko ki dhundh me paresaan ho jaata huun main,
jaraa ruko,
ruko is DunDh ko hatne tak
aaj main chuuna chahta huun tumhe,
paana chahta huun tumhe
in hansi khwaabo se nikaal kar, 
samne laana chahta hu tumhe,
kaho tum aaogi ik din meri baahon me
lipti rahogi mujhse,aur kho jaaogi mujhme,
haan main jaanta hu tum meri ho 
tum meri ho samaayi ho mere dil me
magar kyo tum,
tum jise main sochta huun
dukhati ho mere dil ko....Read Details

झील सी गहरी इन निगाहों

झील सी गहरी इन निगाहों मे डूब जाने को जी चाहता है, 
न चाहकर भी इन निगाहों से दूर चले जाने को जी चाहता है, 
गम तेरे दिल के सारे पी जाने को जी चाहता है, 

गुस्से से भरी इन निगाहों को फिर देखने को जी चाहता है, 
मुझे तलाशती इन निगाहों को फिर देखने हो जी चाहता है, 
न चाहकर भी इन निगाहों से दूर चले जाने को जी चाहता है, 

कुछ कहती इन निगाहों से सब कुछ सुन लेने को जी चाहता है, 
हाल-ऐ-दिल बयान करती निगाहे देख मर जाने को जी चाहता है, 
न चाहकर भी इन निगाहों से दूर चले जाने को जी चाहता है, 

दिल को तड़पाती ये निगाहे अब जीने नही देती है, 
गम से भरी ये निगाहे अब जीने नही देती है, 
मुझे तलाशती ये निगाहे अब जीने नही देती है, 
मरना चाहू तो भी ये निगाहे अब मरने नही देती है,Read Details

"यादों की बस्ती, सपनों का

"यादों की बस्ती, सपनों का आँगन,
शबनम की बिंदिया, कलियों के कंगन

यौवन की रिमझिम, महकी सी रातें,
ये तेरे लिये है, सारी सौगातें।

फूलों से सँवरी, शाखों की बाँहें,
महबूब का गाँव, रँगीन राहें ।

रिश्तों की मेंहदी, करती है बातें,
ख्वाबों का राजा, ले आया बारातें ।

मौसम की मदिरा, बारिश की हँसी,
गजरे की खूशबू, जूडे में फँसी ।

नटखट से बादल, पागल बरसातें,
चाहत के जंगल में लुकछिप मुलाकातें ।

ढलका सा आँचल, उनींदी निगाहें,
साँसों का मधुबन, हम हर रोज़ चाहें ।

हरियाली सुहागिन की, कैसी करामातें ,
पत्तों की झांझर पर नाची प्रभातें ।"Read Details

यह नर्म नर्म हवा झिलमिला

यह नर्म नर्म हवा झिलमिला रहे हैं चिराग़
तेरे ख़्याल की खुश्बू से बस रहे हैं दिमाग़

दिलों को तेरे तबस्सुम की याद यूं आई
की जगमगा उठें जिस तरह मंदिरों में चिराग

तमाम शोला-ए-गुल है तमाम मौज-ए-बहार
कि ता-हद-ए-निगाह-ए-शौक़ लहलहाते हैं बाग़

नई ज़मीं, नया आस्मां, नई दुनिया
सुना तो है कि मोहब्बत को इन दिनों है फ़राग

दिलों में दाग़-ए-मोहब्बत का अब यह आलम है
कि जैसे नींद में दूबे होन पिछली रात चिराग़

फिराक़ बज़्म-ए-चिरागां है महफ़िल-ए-रिन्दां
सजे हैं पिघली हुई आग से छलकते अयाग़Read Details

फ़ना हो चुके है...................... हर मुलाकात

फ़ना हो चुके है......................
हर मुलाकात में निघाएं यही फरियाद करती है , 
कि किसी पल पलट कर देखने को जी चाहता है ............

वो तो हमें देख कर अनदेखा करजाते है ,
कि उनकी नजरो में रहजाने को जी चाहता है ............

वो क्या समझेंगे हमारी मोहबत को ,
वो तो खोये है किसी और के मोहबत मे ,
कि उनकी मोहबत मे खोने को जी चाहता है ..........

आप् कि मोहबत ने बहुत रंग दिए है हमें ,
कि अब इन्ही रंगो में रंग जाने को जी चाहता है .........

उलझ चूका हू इस उलझे हुए वक्त को सुलझाने मे , 
कि आप् की उलझी जुल्फों को सुलझाने को जी चाहता है ...........

फंना हो चुके है आप् की मोहबत मे , 
कि अब शायरी मे इजहार करने को जी चाहता है ............

अगर ख्वाईस है आजमाने कि तो जान मांग लो ,
कि अब उन्हें अपना बनाने को जी चाहता है .........

ना कभी ख़तम करसकेंगे ये शायरी ,
कि उनको शायरी मे वापस लेन को जी चाहता है ..................Read Details

Zindagi se nibha liya maine

Zindagi se nibha liya maine !


Ek khusboo si teri yaad aayee,
Ek pal muskara liya maine !


Pyas tadpi to pee liya aansoo,
Bhukh me gam ko kha liya maine !


Dard ka geet ek tadapta sa,
Pyar me gunguna liya maine !


Mujhpe ilzam hai zamane ka,
Kyon tera dil chura liya maine,


Jab kabhi need mujhse rooth gayee,
Chand ko ghar bula loiya maine !


Kis tarah khusnaseeb hun mai bhi,
Tumko khwabon me paa liya maineRead Details

शब जला है, सब जला है, बाअदब

शब जला है,
सब जला है,
बाअदब रब जला है,
चाँद के सिरहाने-
आसमां का लब जला है।

तेरी आँखों की अंगीठी
में गले जब नींद मीठी,
भाप बनकर ख्वाब,छनकर,
तारों की हवेलियों में,
अर्श पर तब-तब जला है।

कल शबनमी शीतलपाटी,
रात भर घासों ने काटी,
गुनगुनी बोली से तेरी,
हवाओं के तलवे तले,
सुबह ओस बेढब जला है।

जब इश्क के साहिलों पर,
आई तू परछाई बनकर,
दरिया के दरीचे से फिर,
झांकती हर रूह का
हर तलब बेसबब जला है।

तेरे दर तक की सड़क में,
नैन गाड़, बेधड़क ये,
वस्ल के पैरोकार-सा,
रोड़ों पर कोलतार-सा,
होश का नायब जला है।

शब जला है,
सब जला है,
तेरे दीद के लिए हीं,
चाँद के सिरहाने-
आसमां का लब जला है।Read Details

कभी उनकी याद आती है

कभी उनकी याद आती है कभी उनके ख्व़ाब आते हैं
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं

कयामत देखनी हो गर चले जाना उस महफिल में
सुना है उस महफिल में वो बेनकाब आते हैं

कई सदियों में आती है कोई सूरत हसीं इतनी
हुस्न पर हर रोज कहां ऐसे श़बाब आते हैं

रौशनी के वास्ते तो उनका नूर ही काफी है
उनके दीदार को आफ़ताब और माहताब आते हैंRead Details