Spiritual sms Wishes And Messages, Spiritual sms WhatsApp Picture Sticker

Sur Ki Gati Mai Kya Jannu

सुर की गति मैं क्या जानूँ .
एक भजन करना जानूँ ..
अर्थ भजन का भी अति गहरा
उस को भी मैं क्या जानूँ ..
प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ
नैना जल भरना जानूँ ..
गुण गाये प्रभु न्याय न छोड़े
फिर तुम क्यों गुण गाते हो
मैं बोला मैं प्रेम दीवाना
इतनी बातें क्या जानूँ ..
प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ
नैना जल भरना जानूँ ..
फुल्वारी के फूल फूल के
किस्के गुन नित गाते हैं .
जब पूछा क्या कुछ पाते हो
बोल उठे मैं क्या जानूँ ..
प्रभु प्रभु प्रभु कहना जानूँ
नैना जल भरना जानूँ ..Read Details

अपनी दास्तां 'हरि' को सुना,

अपनी दास्तां 'हरि' को सुना, "दागे दिल" यूँ ना दिखा। 
जाना नहीं है दुर कहीं, चिराग ए़ उम्मीद दिल में जला। 
छोङ दिल की बेकरारी, रोशनी अंधेरे को दिखा। 
हंसी से बेरूखी ये कैसी, मोहब्बत जहां में 'हरि' लुटा।
भोर की ये मंद हवा है, सुरज ने बदला आसमान। 
कारवां के साथ चल और रूठे रहबर को मना।
गम से नाता तोड़ ले, इस सांप को न दिल में बसा।Read Details

O My Lord , My

O My Lord , My Mind , My Wisdom, My Body all these are not mine so how Things , Persons can belong to me . I know this , say this but in reality I do not admit this. My this condition is not hide from you.

So , O My Krishna , Please take Me In Your Shelter.Read Details

Only a selfless person can

Only a selfless person can realize GodRead Details

For the one who has

For the one who has experienced God-realisation the physical world becomes meaninglessRead Details

we can set up a

we can set up a matrix for any sequence of transformations as a composite transformation matrix by calculating the matrix product of the individual transformationsRead Details

जानना हि है तो उस

जानना हि है तो उस खुदा को जानो, 
मेरी क्या हस्ती है..
इन अनजान अजनबीयो के बीच,
अनजान मेरी मिट्टी है...!!Read Details

Qu---- bhagwan krishna ne kya

Qu---- bhagwan krishna ne kya kasht sahe ?
Ans....
-Bhagwan Krishna ka janm hi jail me huwa.

-janm ke sath hi POOTNA, SHAKTASUR, BAKASUR, AGHASUR ne pran lene ki koshish ki.

-thode bade hone par mama KANS ne mathura me Bhagwan komarne ke anek pryaas kiye.

-11 varsh ki aayu par hi asli mata-pita mile, Ek mile toh dusare chhoot gaye.

-KANS ko mara toh kans ka swsur JARASANDH shatru ho gaya. tab ran chhod kar mathura se bhag kar sagar me dwarika nagri basayi.

-Bahan Subhadra ko Arjun ke sath bhagane ke kaaran bade bhai BALRAM hamesha hi Bhagwan se naraj rahe.

-Sab se bada dukh ki Bhagwan ke saamne hi un ke bete-pote sharab pi-pi kar lade aur aisee lade ki Bhagwan krishna ko chhod kar ek bhi yadav nahi bacha.

-Bhagwan ke nirvaan ke baad jangli bheel Arjun se Bhagwan ki patniyo ko bhi loot le gaye.

LEKIN VAH BHAGWAN JI JAI HI, KABHI AAP KE CHEHRE SE MUSKARAHAT NA GAYI.Read Details

Sri Ram jai Ram jai

Sri Ram jai Ram jai jai Ram.

बुरे दिनों में कर नहीं कभी किसी से आस
परछाई भी साथ दे, जब तक रहे प्रकाश.

bure dinon me kar nahin kabhi kisi se aas,
parachhai bhi sath de, jab tak rahe prakash.

Jiwan ka ek sutra hai-Jo aap ke pass pahle se hoga, vo aap ko mangne se mill jayega. Jo nahi hai vo nahi milega. aap ke pass car hai toh aap ko mangne se car mil jayegi. bure dino me aap ke pass kuchh hai nahi, Is liye ab kisi se milega bhi nahi.Read Details

1. यदि तुम अपनी इच्छासे

1. यदि तुम अपनी इच्छासे नहीं, भगवानकी इच्छासे ही चल रहे हो तो सैकड़ों जन्म-मृत्युओंमें जाना भी तुम्हारे लिये सौभाग्य और परमानन्द है।

2. चारो ओर प्रलोभन है और उनके बीचमें यह नन्हा-सा जीवन। एक-एकको केवल देखने लगो तो लाखों जन्मोंकी आवश्यकता होगी। तुम तो केवल एकको देखो- जो तुम्हारे हृदयमें बैठकर तुम्हें कुछ देखने-सुनने, हिलने-डोलनेकी शक्ति देता है। उस उद्गमके प्राप्त होते ही तुम परमानन्दकी लीला भूमि हो जाओगे।

3. कर्मका चक्र अनिवार्य है। इसमें इच्छा करनेवाले ही मारे जाते है। परंतु यदि समता और अनासक्तिका आश्रय लेकर तुम झूलेमें बैठ जाओ तो देखोगे कि झुलानेवाला भी तुम्हारे साथ है और तुम इस झूलन-लीलाके आनन्दमें मस्त हो।Read Details

Sri Ram Jai Ram Jai

Sri Ram Jai Ram Jai Jai Ram

Garibi chhota dukh hai, karza dukh mahaan
Rog dukh inse bada, Kalah dukh ki khan.

गरीबी छोटा दुःख है, कर्जा दुःख महान 
रोग दुःख इनसे बड़ा , कलह दुःख की खान .

Garibi aor rog (poverty & disease) hamare bus me nahi hai. Lekin karj & Kalah (Loan & Family-quarrel) ham chahe toh rok sakte hai.Read Details

Sri Ram Jai Ram Jai

Sri Ram Jai Ram Jai Jai Ram

Ko kahu ko mitr nahin, shatru kahu ko naay
Apne hi gun dosh se, shatru mitr ban jaay.

को काहू को मित्र नहीं, शत्रु काहू को नाय
अपने ही गुण दोष से, शत्रु मित्र बन जाय .

Sansaar ka ek hi niyam hai, Aap jis ke liye upyogi hai, vo aap ko mitra manega. Jis ko aap ke karan loss ho raha hoga, vo aap ka shatru ho gayega. 

MITRA (FREINDS) BADHANE KE LIYE APNI UPYOGITA BADHAIYE. 

SANSAAR YOGYTA KO VALUE NAHI DETA, UPYOGITA KO value DETA HAI.Read Details

Prem Se Bolo Sri Ram Jai

Prem Se Bolo
Sri Ram Jai Ram Jai Jai Ram

Boli mahi kathorta, parbhu ko nahi suhaay.
Soyi Jeebh mahi haddi, parbhu ne dinhi naay.

बोली माहि कठोरता , प्रभु को नाहि सुहाय .
सोई जीभ माही हड्डी , प्रभु ने दीन्ही नाय. 

Bhagwan ne jabaan (tongue) me koi haddi (Bone) nahi di, jab ki kaan, naak, aankh sab me bone hai. bone hard hoti hai isi liye tongue me bone nahi di,

Bhagwan chahte hai ki ham HARD WORDS ka USE na kare.Read Details

हे भगवान् श्री कृषण! मैं

हे भगवान् श्री कृषण! मैं सैंकडों अपराधों से युक्त हूँ , मुझे यहाँ से अपने परम धाम ले चिलये! मुझ अपराधी पर कृपा कीजे, आपने व्याध को मोक्ष दीया हैं, कुब्जा को तारा हैं, मुझ पर भी कृपा कीजे!योगीजन सदा आपकी महीमा का गान करते हैं, आप परमात्मा, जनार्दन, अवीनाशी पुरुष और लक्ष्मी से संपन हैं,आप का दर्शन करके कीतने भगत परमपद को प्राप्त होगये.....
जो लोग इस दीव्या VISHNU सम्रून का पर्तिदिन पाठ करते हैं ,वो सब पापों से मुक्त हो श्री विष्णु के सनातन धाम में जाते हैं...........
ॐ नमो:नारायणा ॐ नमो:नारायणा ॐ नमो:नारायणा ॐ नमो:नारायणा ॐ नमो:नारायणाRead Details

Hey Nath Mai Aapko bhulu

Hey Nath Mai Aapko bhulu nahi


एक बार सरल ह्रदय से द्रढ़ विश्वास पूर्वक स्वीकार कर ले और प्रार्थना करे की......

हे नाथ ! हे मेरे नाथ ! ! हे मेरे प्यारे प्रभो ! ! !

सदासर्वदा मैं केवल आपका ही हूँ..... और केवल आप ही मेरे हैं.....

और मैं केवल और केवल आप ही के शरणागत हूँ..... नाथ ! ! ! !.

नारायण ! नारायण ! ! नारायण ! ! ! नारायण ! ! ! ! नारायण ! ! ! ! ! 

Vishnu VishnuRead Details

जैन कौन? जो स्वयं को

जैन कौन? 

जो स्वयं को अनर्थ हिंसा से बचाता है। 
जो सदा सत्य का समर्थन करता है। 
जो न्याय के मूल्य को समझता है। 
जो संस्कृति और संस्कारों को जीता है। 
जो भाग्य को पुरुषार्थ में बदल देता है। 
जो अनाग्रही और अल्प परिग्रही होता है। 
जो पर्यावरण सुरक्षा में जागरुक रहता है। 
जो त्याग-प्रत्याख्यान में विश्वास रखता है। 
जो खुद को ही सुख-दःख का कर्ता मानता है। 
Read Details

NAVKAR MANTRA णमो अरिहन्ताणम् णमो सिध्धाणम् णमो आइरियाणम् णमो

NAVKAR MANTRA

णमो अरिहन्ताणम्
णमो सिध्धाणम्
णमो आइरियाणम्
णमो उवझ्झायणम्
णमो लोये सव्वसाहुणम्
ऎसो पन्च णमोकारो
सव्वपावप्पणासणो
मन्गलाणम्चा सव्वेसिम्
पढमम हवई म॑गलमRead Details

'' सो क्रत सो आप

'' सो क्रत सो आप क्रत मै क्रत हूँ कुछ नाही मै क्रत हूँ तो आप हो म्हारे माय "
अर्थात

भक्त भगवान् से कहता है: 
है भगवान् जो हो रहा है सब आप कर रहे मै कुछ नही कर रहा हूँ मै जो भी कर रहा हूँ वो मै नही कर रहा हूँ वो सब आप कर रहे है वो सब आप मुझसे करवा रहे है 

"बन्दा चिति धरी रही हर चिति तत्कार"

अर्थात
बन्दा जो सोचे वो धरा रह जाये हरी जो सोचे वो तत्काल होय

" लीखी वीधाता अंक वो नाही देखो जतनं हजार कर के फ़ीर भी पार नहीं पावे "

अर्थात
वीधाता ने जो कर्म लीख दीया है उसके जतन हजार भी कर लो फ़ीर मिटा नहीं सकतेRead Details

किरीटिनं गदिनं चक्रिणं च तेजोराशिं

किरीटिनं गदिनं चक्रिणं च तेजोराशिं सर्वतो दीप्तिमन्तम्॥
पश्यामि त्वां दुर्निरीक्ष्यं समन्ताद्दीप्तानलार्कद्युतिमप्रमेयम्॥११-१७॥

I see Thee with diadem, club, and discus; a mass of radiance shining everywhere, very hard to look at, all around blazing like burning fire and sun, and immeasurable. 

त्वमक्षरं परमं वेदितव्यं त्वमस्य विश्वस्य परं निधानम्॥
त्वमव्ययः शाश्वतधर्मगोप्ता सनातनस्त्वं पुरुषो मतो मे॥११-१८॥

Thou art the Imperishable, the Supreme Being, the one thing to be known. Thou art the great Refuge of this universe; Thou art the undying Guardian of the Eternal Dharma, Thou art the Ancient Purusa, I ween.

हरिः ॐ!Read Details